Saturday, September 3, 2016

उड़द की दाल (Urad Dal)

उड़द की दाल (Urad Dal)
उड़द की दाल को दालों की महारानी कहा जाता हैं. क्योंकि यह अन्य दालों की तुलना में बहुत ही लाभकारी और पौष्टिक होती हैं. इसके साथ ही इसमें विटामिन, खनिज लवणों की मात्रा खूब पाई जाती हैं. लेकिन इसमें कोलेस्ट्रोल की मात्रा निम्न पाई जाती हैं. जिससेशरीर का मोटापा बढ़ने का भय नहीं रहता. उड़द की दाल तीन प्रकार की होती हैं.

1.       छिलके वाली उड़द की दाल

2.धुली हुई छिलके की दाल

3.काली उड़द की दाल ... 
Poushtikta se Bharpur Urad ki Daal ke Fayde

उड़द की इन तीनों ही प्रकार की अपनी अलग – अलग खासियत होती हैं. जैसे – धुली हुई उड़द की दाल के बारे में कहा जाता हैं कि धुली हुई दाल से पेट में अफारा उठने की समस्या हो सकती हैं. लेकिन छिलके वाली दाल का सेवन करने से ऐसी समस्या नहीं होती.छिलके वाली दाल को गर्म मसालों के साथ खाना फायदेमंद होता हैं.

1.पाचन शक्ति (Digestive Power) - पाचन शक्ति बढाने के लिए उड़द की छिलके वाली दाल लाभदायक होती हैं. यदि आप हफ्ते में तीन उड़द की दाल का सेवन करते हैं तो इससे आपके शरीर की पाचन शक्ति दुरुस्त होगी.यदि आपका इसका स्वाद बढ़ाना कहते हैं तो आप इसमें निम्बू के रस को निचोड़ कर भी खा सकते हैं.

4.दुर्बलता (Weakness) - यदि किसी व्यक्ति को शारीरिक रूप से कमजोरी महसूस होती हैं. तो वह शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए सर्दी के दिनों में उड़द की दाल का हलवा खा सकता हैं. दुर्बलता की परेशानी से निजात पाने के लिए आप उड़द की दाल के लड्डू भी बना कर खा सकते हैं. उड़द की दाल के लड्डू बनाना बहुत ही आसान होता हैं. लड्डू बनाने के लिए एक दिन पहले रात को सोते समय उड़द की धुली हुई दाल को पानी में भिगो दें. इसके बाद भीगी हुई दाल को पानी में से निकाल कर महीन पीस लें. इसके बाद इस पेस्ट को घी में हल्का सा भुन लें. इसमें अपनी इच्छानुसारशक्कर डालें.  जब पीसी हुई दाल अच्छी तरह से पीस जाएँ, तो इसमें सभी प्रकार के मेवे मिलाकर लड्डू तैयार कर लें. 


5.   तत्व (Element) – उड़द की दालों में ढेरों पौषक तत्व पाए जाते हैं. जैसे – इसमें कैल्शियम, पोटेशियम, लौह तत्व, मैग्नेशियम, मैगनीज जैसे तत्वों की उच्च मात्रा पाई जाती हैं.

6.      जोड़ों का दर्द (Joint Pain)  – यदि किसी व्यक्ति कोजोड़ों में दर्द होने की शिकायत हैं तो उड़द की दाल उसकी इस समस्या के निवारण हेतु भी लाभदायक सिद्ध होती हैं. घुटनों के दर्द से राहत पाने के लिए थोड़ी सीछिलके वाली दाल लें. और एक सूती कपडा लें. इसके बाद इस कपड़े में दाल को लपेट लें और इसे तवे पर सेंक लें. कपडे को सेंकने के बाद इस कपडे से धीरे – धीरे अपने घुटनों की सेकाई करें. आपको जोड़ों के दर्द में बहुत ही आराम मिलेगा.

जोड़ों के दर्द के लिए आप काली उड़द की दाल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए थोड़ी सी उड़द की दाल लें और उसे सरसों के तेल में डालकर गर्म कर लें. तेल को अच्छी तरह से गर्म करने के बाद जब तेल हल्का गर्म तो इससे अपने जोड़ों की आराम – आराम से मालिश करें.

7.लकवा (Paralysis)  अगर किसी व्यक्ति के शरीर के किसी अंग में लकवा हो गया हैं. जिसके कारण उस भाग से किसी भी प्रकार की क्रिया नहीं हो पाती. तो उसअंग को ठीक करने के लिए भी काली उड़द को सरसों के तेल में गर्म कर लें और रोजाना इस तेल से उस अंग की मालिश करें.

8.फोड़े – फुंसी (Boils) – अगर आपके शरीर पर फोड़े या फुंसी हो गए हैं तो इनसे निजात पाने के लिए भी आप उड़द की दाल का प्रयोग कर सकते हैं. इसके लिए उड़द की दाल का पिसा हुआ आटा लें और इससे पट्टी की भांति फोड़े या फुंसी के ऊपर लगा लें. दिन में दो चार बार इसी प्रकार इस पट्टी को लगाने से आपको फोड़े और फुंसी में बहुत आराम मिलेगा.  

9.गंजापन (Baldness) – अगर आपके बाल धीरे – धीरे झड़ने लग रहे हैं या आपके सिर पर बाल होते ही नहीं हैं तो इसके लिए भी आप उड़द की दाल का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए रात को सोने से दालों को उबालकर पीस लें. इसके बाद इस पेस्ट को अपने सिर पर लगाकर सो जाएँ. ऐसा लगातार करने से आपके सिर पर नए बाल कुछ ही समय में आना शुरू हो जायेंगे.
10.      सफेद दाग (White Stain)   अगर आपके चेहरे पर या शरीर के किसी अन्य भाग पर सफेद रंग के दाग हो गए हैं तो इन दागों से छुटकारा पाने के लिए भी आप दाल का इस्तेमाल कर सकते हैं. सफेद दागों से राहत पाने के लिए उड़द के आटे को भिगो कर लोई तैयार कर लें. इसके बाद इस लोई को दाग वाले स्थान पर कुछ समय लगाकर रखें. कुछ समय पश्चात् स्नान कर लें. लगातार इस उपाय को करने से कुछ ही दिनों में आपको सफेद दाग से मुक्ति मिल जायेगी.

11. अपच (Indigestion) – जिन व्यक्तियों को बवासीर की बिमारी या अपच की समस्या रहती हैं. उनके लिए भी उड़द की दाल बहुत ही लाभकारी सिद्ध होती हैं. उड़द की दाल का अधिक सेवन करने से ये दोनों ही परेशानियाँ ठीक हो जाती हैं.

12.  मुंहासे (Acne)  अगर आपके मुंह पर कील मुंहासे निकलें हुए हैं. तो इन्हें हटाने के लिए रात को सोने से पहलें उड़द की धुली हुई दाल को पानी में भिगोकर कर रख दें. अगले दिन सुबह उठने के पश्चात् इस दाल को बारीक पीस लें और पिसने के बाद इस लेप में थोडा सा निम्बू का रस और शहद मिलाकर इस लेप को अपने चेहरे पर लगा लें. जल्द ही आपके मुंह के मुंहासे गायब हो जायेंगे और आपकी त्वचा कोमल हो जायेगी.
13.  हृदय, मस्तिष्क और सिर की पीड़ा (Pain of Head, Heart And Mind)  यदि आपके सिर, हृदय और दिमाग में दर्द रहता हैं तो इन सभी प्रकार की पीड़ा से मुक्ति पाने के लिए आप उड़द की दाल की खीर बना कर खा सकते हैं. इसके लिए लगभग 50 ग्राम छिलके वाली उड़द की दाल लें और इसे रात भर पानी में भिगो कर रख दें. सुबह उठने के बाद इस दाल का छिलका निकाल लें और इसे खूब बारीक पीस लें. इसे बाद दाल के बराबर घी में भुन लें. अब 300 ग्राम दूध लें और इसे भुनी हुई दाल में डाल दें. इसके बाद इसमेंमिश्री के दाने अपनी इच्छानुसार मिला दें और इस खीर को अच्छी तरह पका लें. अब इस खीर का सेवन रोजाना सुबह उठने के बाद खाली पेट करें. आपको इन सभी समस्याओं से जल्दी ही छुटकारा मिल जाएगा.

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