गुलकंद में है कई चमत्कारिक गुण, आइये जाने गुलकंद के बारे में।
गुलाब सिर्फ एक बहुत खुबसूरत फूल ही नहीं है बल्कि
यह कई तरह के औषधिय गुणों से भी भरपूर है। गुलाब
की खुश्बु ही नहीं इसके आंतरिक गुण भी उतने ही
अच्छे हैं। गुलाब के फूल में कई रोगों के उपचार की
भी क्षमता है। नींद न आती हो , मानसिक
थकावट हो तो सिरहाने के पास गुलाब रखकर
सोएं. फिर देखिए परिणाम।
गुलकंद को नियमित खाने पर पित्त के दोष दूर
होते हैं तथा इससे कफ में भी राहत मिलती है।
गर्मियों के मौसम में गुलकंद कई तरह के फायदे
पहुंचाता है। गुलकंद कील मुहांसो को दूर करता है
अरु रक्त शुद्ध करता है, हाजमा दुरुस्त रखता है और
आलस्य दूर करता है। गुलकंद शरीर के तापमान को
नियंत्रित करता है और कब्ज को भी दूर करता है।
सीने की जलन और हड्डियो के रोगो में
लाभकारी है, सुबह-शाम एक-एक चम्मच गुलकंद खाने
पर मसूढ़ों में सूजन या खून आने की समस्या दूर हो
जाती है। पीरियड के दौरान गुलकंद खाने से पेट
दर्द में आराम मिलता है। मुंह का अल्सर दूर करने के
लिए भी गुलकंद खाना फायदेमंद होता है।
●● गुलकंद बनाने की विधि ●●
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समाग्री:: ताजी गुलाब की पंखुडियां, बराबर
मात्रा में पीसी हुई मिश्री , एक छोटा चम्मच
पिसी छोटी इलायची तथा पिसा सौंफ
★ विधि:: गुलाब की ताजी व खुली पंखुडियॉं लें ,
अब कांच की बडे मुंह की बोतल लें इसमें थोडी
पंखुडियां डालें अब पीसी हुई मिश्री डालें फिर
पंखुडियां फिर मिश्री अब एक छोटा चम्मच
पिसी छोटी इलायची तथा पिसा सौंफ डालें
फिर उपर से पंखुडियां डालें फिर मिश्री इस तरह से
डब्बा भर जाने तक करते रहें इसे धूप में रख दें आठ दस
दिन के लिये बीच- बीच में इसे चलाते रहें, मिश्री
पानी छोडेगी और उसी मिश्री पानी में
पंखुडियां गलेंगी। (अलग से पानी नहीं डालना है)
पंखुडियां पूरी तरह गल जाय यानि सब एक सार
हो जाय ।
लीजिये तैयार हो गया आपका गुलकंद।
◆ आइये जाने अब इस गुलकंद के गुणकारी फायदे।
1-गुलाब से बने गुलकंद में गुलाब का अर्क होता है
जो शरीर को ठंडक पहुंचाता है। यह शरीर को
डीहाइड्रेशन से बचाता है और तरोताजा रखता
है। यह पेट को भी ठंडक पहुंचाता है। गर्मी के
दिनों में गुलकंद स्फूर्ति देने वाला एक शीतल
टॉनिक है,जो गर्मी से उत्पन्न थकान, आलस्य,
मांसपेशियों का दर्द और जलन आदि कष्टों से
बचाता है।
2- गुलकंद में विटामिन सी, ई और बी अच्छी
मात्रा में पाए जाते हैं। भोजन के बाद गुलकंद का
सेवन भोजन को पचाने के लिए फायदेमंद है और इसके
सेवन से पाचन संबंधी समस्याएं दूर रहती हैं।
3- दिल की बीमारी में अर्जुन की छाल और देसी
गुलाब मिलाकर उबालें और पी लें, हृदय की धडकन
अधिक हो तो इसकी सूखी पंखुडियां उबालकर
पीएं। आँतों में घाव हो तो 100 ग्राम मुलेटी ,50
ग्राम सौंफ ,50 ग्राम गुलाब की पंखुडियाँ तीनों
को मिलाकर 10 ग्राम की मात्रा में लें। इसका
100 ग्राम पानी में काढ़ा बनाकर पीएं।
4-गर्मी के कारण चेहरे पर उत्पन्न छोटी-छोटी फुं
सियाँ (एक्ने) गुलकंद के सेवन से धीरे-धीरे दूर होने
लगते हैं। बच्चों में कृमि कष्ट (पेट में कीड़े) होने पर
बाइविडिंग का चूर्ण गुलकंद में मिलाकर एक-एक
चम्मच सुबह-शाम 15 दिनों तक देने से कृमि कष्ट से
मुक्ति मिल जाती है।
5- गुलकंद लेने से पेट के रोग व अल्सर कब्ज आदि
समस्याएं खत्म हो जाती हैं। रोजाना चम्मचभर
गुलकंद खाने से आँखों की रोशनी ठीक रहती है।
गुलकंद के नियमित सेवन से इसके पाचन के बाद बनने
वाला रस आँतों के लिए बहुत हितकर होता है।
पाचन क्षमता में सुधार, चयापचय क्रिया का
नियमन, रक्तशोधन करने के लिए गुलकंद फायदेमंद
होता है।
6- गर्मियों के मौसम में गुलकंद कई तरह के फायदे
पहुंचाता है। हाजमा दुरुस्त रखता है और आलस्य दूर
करता है। गुलकंद शरीर के तापमान को नियंत्रित
करता है और कब्ज को भी दूर करता है। सुबह-शाम
एक-एक चम्मच गुलकंद खाने पर मसूढ़ों में सूजन या खून
आने की समस्या दूर हो जाती है। पीरियड के
दौरान गुलकंद खाने से पेट दर्द में आराम मिलता है।
मुंह का अल्सर दूर करने के लिए भी गुलकंद खाना
फायदेमंद होता है।
7- गुलकंद में अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स हैं
जो शरीर की प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाते हैं और
थकान दूर करते हैं। आपकी त्वचा के लिए भी यह
बहुत फायदेमंद है। इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण हैं जो
त्वचा की समस्याओं को दूर करते हैं और त्वचा
हाइड्रेट रहती है।
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